सोमवार 13 जुलाई 2026 - 20:00
इमाम ख़ामनेई की शहादत इस्लामी दुनिया के लिए गौरव का कारण बनी।हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अब्दुलजवाद इब्राहीमी

हौज़ा / काशान में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अब्दुलजवाद इब्राहीमी ने कहा कि इमाम ख़ामनेई की शहादत पूरी इस्लामी दुनिया के लिए महानता और सम्मान का कारण बना है। उन्होंने शहीद नेता के हत्यारों से न्यायपूर्ण बदला लिए जाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,काशान में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अब्दुलजवाद इब्राहीमी ने कहा कि इमाम ख़ामनेई की शहादत पूरी इस्लामी दुनिया के लिए महानता और सम्मान का कारण बना है। उन्होंने शहीद नेता के हत्यारों से न्यायपूर्ण बदला लिए जाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि ईरानी जनता अपने शहीद नेता के मार्ग पर चलने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने इस्लामी क्रांति के आदर्शों, राष्ट्रीय एकता और विलायत के रास्ते की रक्षा करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि पूरा देश शोक में है, लेकिन अंतिम यात्रा में जनता की अभूतपूर्व भागीदारी ने ईरानी राष्ट्र की एकता, सम्मान और शक्ति को दुनिया के सामने प्रदर्शित कर दिया।

इब्राहीमी ने इमाम ख़ामनेई के व्यक्तित्व, उनके जीवन, संघर्षों और इस्लामी उम्मत के मार्गदर्शन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बताए हुए रास्ते पर आगे बढ़ना और इस्लाम तथा क्रांति के दुश्मनों के सामने डटे रहना हम सबकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि काशान शहर से शहीद नेता को विशेष प्रेम था और वे हमेशा इस शहर की प्रशंसा किया करते थे।उन्होंने कहा कि यदि कोई इस्लाम के जीवंत और व्यावहारिक स्वरूप का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहे, तो उसे इमाम ख़ामनेई के व्यक्तित्व को आदर्श बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शहादत इमाम ख़ामनेई की दुआ की स्वीकार्यता थी। अल्लाह ने इस्लामी उम्मत के लिए ऐसे नेताओं को चुना जो पूरी तरह ईश्वर-केंद्रित थे।

उन्होंने आगे कहा कि इस्लामी सोच और भौतिकवादी सोच में मूलभूत अंतर है। उनके अनुसार, पश्चिमी व्यवस्था में इंसान अकेलेपन और स्वार्थ में घिरा रहता है, जबकि अहलेबैत (अ.स.) की शिक्षा में सबसे पहले अल्लाह अपने बंदों की भलाई चाहता है।

इब्राहीमी ने इमाम ख़ामनेई की सादगी का उल्लेख करते हुए कहा कि ग़ैबत के दौर में इस देश पर ऐसे नेता ने शासन किया जिसने लोगों को केवल अल्लाह और उनकी भलाई के लिए चाहा, न कि अपने निजी लाभ के लिए। उन्होंने दावा किया कि आज उनके परिवार के पास भी कोई निजी मकान या बड़ी संपत्ति नहीं है, जो उनके सादगीपूर्ण जीवन का प्रमाण है।

अंत में उन्होंने कहा कि शहीद नेता के हत्यारों से न्यायपूर्ण बदला लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इमाम ख़ामनेई की शहादत ने इस्लामी दुनिया को गौरव प्रदान किया है और उन्होंने अल्लाह का शुक्र अदा किया कि ईरानी जनता तक़वा और धर्मपरायणता के मार्ग पर चल रही है। साथ ही उन्होंने दुआ की कि अल्लाह इस राष्ट्र पर अपनी रहमत और बरकत में और वृद्धि करे।

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